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अनार सिंह जी की प्रेरणादायक कहानी: दर्द भरे दिनों से सुकूनभरी जिंदगी तक का सफर।

अनार सिंह जी की प्रेरणादायक कहानी: दर्द भरे दिनों से सुकूनभरी जिंदगी तक का सफर।

कभी-कभी कमर का दर्द सिर्फ एक शारीरिक परेशानी नहीं रह जाता, बल्कि यह इंसान की पूरी जिंदगी, काम करने की क्षमता पर असर डालने लगता है। जब हर सुबह दर्द के साथ शुरू हो और दिनभर उठने-बैठने, चलने-फिरने में परेशानी महसूस हो, तो जिंदगी पहले जैसी नहीं रह जाती। ऐसा ही कुछ भोपाल के हुजूर तहसील के तुमड़ा गांव में रहने वाले 55 वर्षीय अनार सिंह जी के साथ हुआ। पेशे से इलेक्ट्रीशियन अनार सिंह जी का काम काफी मेहनत वाला है। उन्हें दिनभर खड़े रहना, झुककर काम करना और कई बार भारी सामान भी उठाना पड़ता है। लेकिन लगातार बढ़ते कमर के दर्द ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदलकर रख दिया था। हालत यह हो गई थी कि जो व्यक्ति कभी बिना थके घंटों काम करता था, वही दर्द की वजह से छोटी-छोटी गतिविधियों में भी परेशानी महसूस करने लगा। कमर में लगातार दर्द बना रहता था, जिससे उनका काम, आत्मविश्वास और जीवन की खुशियों पर धीरे-धीरे असर पड़ने लगा।

उनकी कमर में हर समय भारीपन और खिंचाव बना रहता था। साथ ही कंधों में इतना दर्द था कि हाथ ऊपर उठाना भी मुश्किल हो गया था। आपको बता दें की उन्होंने बताया कि कपड़े पहनना तक उनके लिए एक बड़ी परेशानी बन चुका था। “हाथ ऊपर नहीं उठ पाता था। बहुत धीरे-धीरे कपड़े पहनता था। कमर में इतना दर्द रहता था कि सीधा चलना भी मुश्किल हो गया था।” पर उन्होंने जिंदगी से हार नहीं मानी और हकीम जी की यूनानी बूटी को अपनाया। जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई आइये जानते हैं उनकी पूरी कहानी के बारे में।

कमर दर्द ने अनार सिंह जी की जिंदगी को बदला पूरी तरह! जानें संघर्षभरी कहानी?

अनार सिंह जी बिजली से जुड़ा काम करते थे, जिसमें मेहनत और शारीरिक ताकत की जरूरत पड़ती है। लेकिन लगातार बढ़ते दर्द ने उनका काम भी प्रभावित करना शुरू कर दिया था। खंभों पर चढ़ना, झुकना और भारी सामान उठाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा था। कई बार दर्द की वजह से उन्हें बीच काम में ही रुकना पड़ता था। घर वाले भी उनकी हालत देखकर काफी परेशान रहने लगे थे। उनकी पत्नी और बेटियां हमेशा चिंता में रहती थीं। परिवार वालों को डर सताने लगा था कि अगर कमर दर्द इसी तरह बढ़ता रहा तो आगे जिंदगी कैसे चलेगी। उनकी बेटियों ने तो यहां तक कह दिया था कि जरूरत पड़ी तो वो खुद मेहनत-मजदूरी करके घर चला लेंगी, लेकिन अपने पिता को इस हालत में नहीं देख सकतीं। लगातार कमर दर्द में रहने की वजह से अनार सिंह जी भी टूटने लगे थे। उन्हें लगने लगा था कि शायद अब पूरी जिंदगी इसी दर्द के साथ गुजर जाएगी। उन्होंने बताया की “मन में ऐसा आने लगा था कि शायद अब इसी तकलीफ के साथ जीवन गुजरेगा ”चलिए जानते है किन परेशानियों का सामना किया अनार सिंह जी ने।

आखिर किन-किन परेशानियों का करना पड़ा सामना?

  • कमर में लगातार दर्द बना रहता था।
  • कंधों में दर्द की वजह से हाथ ऊपर उठाना मुश्किल हो गया था।
  • इन्हें झुककर और अकड़कर चलना पड़ता था।
  • बैठने, उठने और काम करने में अनार सिंह जी को परेशानी होती थी।

उम्मीद की नई किरण बने हकीम सुलेमान खान साहब, जानें कैसे?

वो कहते है जहाँ चाह होती है वही राह होती है ऐसा ही अनार सिंह जी के साथ हुआ था, अपनी परेशानी से राहत पाने के लिए अनार सिंह जी ने कई जगह दिखवाया लेकिन उन्हें खास आराम नहीं मिला। डॉक्टरों ने उन्हें कमर की हड्डी में समस्या बताते हुए ऑपरेशन कराने तक की सलाह तक दे दी। लेकिन अनार सिंह जी ऑपरेशन करवाने के लिए तैयार नहीं थे। इसी दौरान उन्हें हकीम सुलेमान खान साहब के बारे में पता लगा और जब उन्होंने उनका बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी देखा तो उन्हें उनकी यूनानी बूटी पर भरोसा हुआ जिसके बाद उन्होंने टीवी पर आ रहे नंबर पर कॉल किया और हकीम साहब की टीम से बात करी और अपनी समस्या बताई औ हकीम जी की टीम ने उनकी पूरी समस्या को आचे से सुना और समझा जिसके बाद उन्होंने अनार जी को गोंद सियाह का सेवन करने को कहा और बिना देरी किए उन्होंने ATIYA HERBS की ऑफिशियल वेबसाइट से गोंद सियाह आर्डर किया और उसका बताये गए तरीको से सेवन करना शुरू किया। इसकी के साथ उन्होंने हकीम जी के घरेलू नुस्खे भी आजमायें वैसे तो उन्हें शुरुआत में ज्यादा उम्मीद नहीं थी, लेकिन लगभग एक महीना इस्तेमाल करने के बाद उन्हें अपने शरीर में फर्क महसूस होने लगा। धीरे-धीरे कमर दर्द के साथ, कंधों और पैरों के दर्द में राहत महसूस होने लगी। आपको बता दें की अनार जी का कहना है लगभग एक महीना बीतने के बाद महसूस होने लगा कि शरीर में आराम आ रहा है। अब कमर में पहले से काफी राहत है। उन्होंने लगातार इसका सेवन जारी रखा और कुछ महीने बाद उन्हें काफी आराम मिला और उन्हें पहले से काफी बेहतर महसूस होने लगा। जो व्यक्ति पहले झुककर चलता था, अब वो ज्यादा आराम महसूस करने लगा। बैठने और उठने में भी पहले जैसी तकलीफ नहीं रही। परिवार वालों ने भी उनके शरीर और चेहरे पर आए बदलाव को महसूस करना शुरू कर दिया था। जिसे देखकर परिवार वाले भी काफी खुश थे।

कमर दर्द से राहत के बाद फिर से बदली जिंदगी

  • कमर के दर्द में पहले से काफी राहत महसूस हुई।
  • इन्हें झुककर चलने की परेशानी कम होने लगी।
  • बैठने और उठने में आसानी महसूस होने लगी।
  • परिवार वालों की चिंता भी काफी हद तक कम हो गई।

राहत के साथ लौटी इनके जीवन की खुशियां

आज अनार सिंह जी पहले के मुकाबले खुद को काफी ज्यादा स्वस्थ और राहत भरा महसूस करते हैं। जो व्यक्ति कभी कमर और कंधों के दर्द की वजह से झुककर चलने को मजबूर था, वही आज पहले से बेहतर तरीके से अपने रोज के काम कर पा रहा है। उनके परिवार वालों को भी अब काफी सुकून है, क्योंकि लंबे समय बाद उन्होंने अनार सिंह जी के चेहरे पर राहत और संतोष देखा है। अनार सिंह जी बताते हैं कि दर्द की वजह से उन्होंने कई मुश्किल दिन देखे, लेकिन अब उन्हें ऐसा लगता है जैसे जिंदगी धीरे-धीरे फिर से पटरी पर लौट रही है। आखिर में उन्होंने हकीम साहब के लिए धन्यवाद जताते हुए कहा, “अगर मुझे ये बूटी नहीं मिली होती, तो शायद मैं आज भी दर्द में ही पड़ा रहता। भगवान ऐसे लोगों को हमेशा खुश रखें जो दूसरों की तकलीफ कम करने का काम करते हैं।” आज जो खुशहाल जिंदगी वो जी रहे हैं वो हकीम जी की मदद से ही संभव हो पाया है।

जोड़ों के दर्द से परेशान, खड़े रहने और कमर की परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए गोंद सियाह एक बेहतर विकल्प बन सकता है। ये अश्वगंधा, सफेद मूसली, कलौंजी, जायफल और कतीरा के समावेश से बना है जो काफी असरदार है। — हकीम सुलेमान खान साहब

यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा

गोंद सियाह क्या है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के औषधीय गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई बीमारियों को हम से दूर रख सकता है।

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Gond Siyah (Indian Gum Arabic)
  • Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
  • Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5

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