[gtranslate]

कमर दर्द (Back Pain) का आयुर्वेदिक इलाज, सावधानियां और योगासन

Written by Juli Kumari

@ Health Expert

पीठ में दर्द (Back Pain) होना कोई बीमारी नहीं है ये किसी भी वजह से हो सकता है। अधिकांश पीठ दर्द (Back Pain) की शिकायत उन लोगों को ज़्यादा होती है जो देर तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करते हैं। या दौड़ने-भागने और स्पोर्ट्स से संबंधित व्यक्ति को भी कमर दर्द (back pain causes in hindi) की समस्या हो सकती है। ये दर्द इतना असहनीय होता है कि इस दर्द से पीड़ित होने के बाद हमारा उठना-बैठना भी लगभग मुश्किल हो जाता है।

यहां है पीठ दर्द का असरदार इलाज…बढ़ना बिल्कुल ना भूलें

  1. पीठ दर्द के कारण
  2. पीठ दर्द के आयुर्वेदिक उपचार
  3. पीठ दर्द का घरेलू इलाज
  4. पीठ दर्द के लिए योगासन
  5. पीठ दर्द के बारे में क्या है वैज्ञानिकों का कहना

पीठ दर्द के कारण (Back pain reason in hindi)

जैसा की हमने आपको ऊपर बताया ज़्यादा देर तक एक ही स्थिति में बैठने के कारण कमर दर्द हो जाता है। लेकिन इसके अलावा भी पीठ दर्द(lower back pain reasons in hind) होने के कई कारण हैं जैसे-

 

  • ज़रूरत से ज़्यादा जंक फूड का सेवन करना

ज़रूरत से ज़्यादा जंक फूड का सेवन करना से पीठ दर्द

बाहर की चीज़ों जैसे जंक फूड में ज़्यादा कैलरी और कम पोषक तत्‍व पाया जाता है। जिसके रोज़ाना सेवन से शरीर का भार बढ़ने लगता है। और हमारे शरीर का सारा भार रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है जिसके कारण कमर में दर्द की समस्या हो जाती है।

    • गलत पॉश्चर में उठने-बैठने के कारण

गलत पॉश्चर में उठने-बैठने के कारण से पीठ दर्द

गलत ढंग से उठने-बैठने के कारण कमर में दर्द की शिकायत होना आम बात है। क्योंकि गलत तरीके से बैठने के कारण मांसपेशियों को अत्यधिक तनाव का सामना करना पड़ता है। और कभी-कभार रीढ़ की हड्डी अकड़ भी जाती है इन कारणों से पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द(upper back pain treatment in hindi) होता है।

  • गर्भावस्था के कारण पीठ में दर्द

गर्भावस्था के कारण पीठ में दर्द

प्रेग्नेंसी(pregnancy me back pain in hindi) के समय कमर दर्द होना बिल्कुल सामान्य है। गर्भावस्था में कमर में दर्द हो तो घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि गर्भावस्था(back pain in pregnancy in hindi) के समय हार्मोन में परिवर्तन होता है यही हार्मोन बच्चे के जन्म के लिए श्रोणि भाग को ढीला करता है। जिसके कारण गर्भवती महिला के पीठ में दर्द होता है।

  • क्षमता से अधिक वज़न उठाना

क्षमता से अधिक वज़न उठाना से पीठ दर्द

हर एक व्यक्ति की अपनी एक क्षमता होती है जिसके आधार पर ही वो काम करता है। अगर व्यक्ति अपनी क्षमता से अधिक भार उठा लेता है तो उसके पीठ में दर्द होने लगता है।

  • पीठ में दर्द का कारण है विटामिन डी की कमी

पीठ में दर्द का कारण है विटामिन डी की कमी

विटामिन डी की कमी के कारण शरीर की हड्डियां कमज़ोर हो जाती है। रीढ़ की हड्डी के साथ भी ऐसा ही है। अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है तो इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी कमज़ोर हो जाती है। जिसके कारण थोड़ा भी भारी काम करने से रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है और दर्द होने लगता है।

डॉक्टर से लें मुफ्त सलाह

    • पीठ में दर्द होने के अन्य कारण

    ऊंची एड़ी के जूते और सेंडिल पहनना, बीमारियां, नर्म गद्दों पर सोना, अधिक ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करना आदि के कारण भी पीठ में दर्द होता है।

    क्या हैं पीठ दर्द के आयुर्वेदिक उपचार

    1. लहसुन के पेस्‍ट का इस्तेमाल करें
    2. पीठ दर्द में नारियल तेल है फायदेमंद
    3. सिरका का करें इस्तेमाल

    ये भी पढ़ें – पीठ में दर्द क्यों होता है? कारण और घरेलू उपचार

    पीठ दर्द के आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic treatment for back pain in hindi)

    पीठ में दर्द होना कोई बड़ी बीमारी नहीं है जिसके लिए हम एलोपैथी दवाइयों को सहारा लें इस तरह के दर्द के लिए आयुर्वेदिक(back pain treatment) उपचार ज़्यादा फायदेमंद होता हैं। तो आइए जानते हैं पीठ दर्द को कैसे आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट(treatment of back pain in hindi ) से ठिक किया जा सकता है।

    • लहसुन के पेस्‍ट का इस्तेमाल करें

    लहसुन के पेस्‍ट का इस्तेमाल करें

    लहसुन का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाइयों को बनाने में किया जाता है। ये पीठ दर्द के इलाज में बहुत फायदेमंद है। इसके लिए रोज़ाना सुबह खाली पेट 2 से 3 लहसुन की कलियों का सेवन करें। इसके अलावा 2 से 3 लहसून का पेस्ट बनाकर सरसों के तेल में डालकर आग पर अच्छी तरह गर्म कर लें और इससे पीठ की मालिश करें। इससे दर्द में काफी आराम मिलता है।

    • पीठ दर्द में नारियल तेल है फायदेमंद

     

    पीठ दर्द में नारियल तेल है फायदेमंद

    नारियल तेल को एक आयुर्वेदिक औषधी(back pain treatment in hindi language) कहें तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। क्योंकि ये आयुर्वेद की खास औषधी है। पीठ दर्द में इसके इस्तेमाल के लिए लहसुन की 3 से 4 कलियों को नारियल तेल में डालकर आग पर तब तक गर्म करें जब लहसुन की कलियां काली ना हो जाएं। उसके बाद ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें। इससे दर्द के कारण उठने-बैठने में होने वाली परेशानी नहीं होती है।

    • सिरका का करें इस्तेमाल

     

    सिरका का करें इस्तेमाल

    शायद आप इस बात को ना जानते हो कि सिरके का इस्तेमाल कई तरह के आयुर्वेदिक तेल बनाने के लिए किया जाता है। इन तेलों का इस्तेमाल दर्द के लिए किया जाता है। पीठ दर्द से छुटकारा पाने के लिए गर्म पानी में 2 से 4 चम्मच सिरका डालें और इस पानी में सूती कपड़ा भीगा कर पीठ की सिकाई करें। इससे दर्द(back pain ka ilaj) में आराम मिलता है।

    एक शोध में पाया गया है कि हमारी दोनों किडनियां पीछे की ओर पीठ की दीवार से चिपकी होती हैं। जो वर्टिब्रा के अगल-बगल ही होती हैं। इसमें होने वाला दर्द पीठ के क्षेत्र में महसूस किया जाता है। जो पीठ के किसी भी भाग में हो सकता है। हमेशा ऐसा होने पर किडनियां खराब भी हो सकती हैं।

    पीठ दर्द का घरेलू इलाज (Home remedies for back pain in hindi)

    कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी भी तरह की बीमारी में आयुर्वेदिक और एलोपैथी ट्रीटमेंट(back pain treatment in hindi) करवाना पसंद नहीं करते हैं। खासकर वो लोग जो अपने उम्र के अंतिम पड़ाव पर होते हैं उन्हे भागदौड़ करने में असहजता होती है। ऐसे में इनके पास एक ही विकल्प बचता है वो है घरेलू इलाज(home remedies for back pain in hindi) का। ये एक बेहतर उपचार है एलोपैथी दवाइयों की तरह पलभर में तो आराम नहीं पहुंचाता लेकिन रोगों को जड़ से खत्म कर सकता है। तो आइए जानते पीठ दर्द के कुछ घरेलू इलाज।

    पीठ दर्द का घरेलू इलाज

    • कमर दर्द में आराम पाने के लिए एक चम्मच शहद में दालचीनी पाउडर मिलाकर रोज़ाना सुबह-शाम दिन में दो बार खाएं।
    • दर्द वाली जगह पर गर्म पानी से सिकाई(back pain home remedies in hindi) करें। इससे काफी राहत मिलता है।
    • 1 चम्मच अजवाइन को तवे पर हल्का भून लें और इसे चबाकर खाएं। रोज़ाना ऐसा करने से पीठ दर्द की समस्या खत्म होती है।
    • अदरक पीठ दर्द के लिए बहुत ही रामबाण औषधी है। इसके लिए अदरक का पेस्ट बनाकर दर्द वाली जगह पर लगायें (kamar dard ka ilaj) इससे पूराने से पूराना दर्द भी गायब हो जाता है।
    • कैल्शियम की कमी के कारण भी हड्डियों में ज़्यादा दर्द होता है। इसलिए रोज़ाना रात को सोनो से पहले एक गिलास गर्म दूध में एक चूटकी हल्दी डालकर पीएं। क्योंकि दूध में कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों(back pain ka ilaj) और मांसपेशियों को मजबूत बनाये रखने में मदद करता है।

    पीठ दर्द के लिए योगासन (Back pain exercise in hindi)

    दर्द जैसी बीमारी के लिए योग एक बहुत अच्छा विकल्प है। रोज़ाना सुबह खूली हवा में योग करने से शरीर में दर्द जैसी समस्या नहीं होती है। तो आज हम आपको पीठ दर्द के लिए रामदेव बाबा(ramdev yoga for back pain in hindi) द्वारा किए जाने वाले कुछ असरदरा योगासन बताने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं।

    पीठ दर्द के लिए योगासन

    1. मकरासन
    2. भुजंगासन
    3. धनुरासन

    मकरासन(Makarasan)

    मकरासन(Makarasan)

    मकरासन पीठ दर्द के लिए बहुत असरदार योग है। रोज़ाना सुबह इस योग को करने से पीठ के ऊपरी और नीचले हिस्से में दर्द नहीं होता है।

    विधि- मकरासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटकर हाथ की कोहनियों को मोड़कर बिल्कुल सीधे हथेलियों पर ठोड़ी को रखें। अब धीरे-धीरे लंबी सांस खींचते हुए दोनों पैरों की एड़ियों को कूल्हे से सटाने की कोशिश करें। इस स्थिति में सांस छोड़ते और लेते रहें।

    भुजंगासन (Bhujangasana)

    भुजंगासन (Bhujangasana)

    ये आसन घुटने दर्द और कमर दर्द के लिए बहुत असरदार है। इस योग को अपने दिनचर्या में शामिल करने से कभी भी शरीर में दर्द की शिकायत नहीं होगी।

    विधि- इस योग को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटकर हथेलियों को छाती के बाजू में रखकर पंजे मिलाते हुए कोहनी को थोड़ा ऊपर उठाएं। और सांस भरते हुए छाती को ऊपर उठाएं। ध्यान रहे नाभि ज़मीन में सटी और सिर पीछे की ओर मुड़ा होना चाहिए।

    धनुरासन (Dhanurasana)

    धनुरासन (Dhanurasana)

    इस आसन को धनुरासन इसलिए कहते हैं क्योंकि इसे करते समय शरीर की आकृति धनुष के समान होती है। इस योगासन को करने से पूरे शरीर का दर्द खत्म होता है। साथ ही अनियमित दिनों में महिलाओं के साथ होने वाली दिक्क्तें जैसे पेट में दर्द और कमर में दर्द की समस्या दूर होती है।

    विधि- इस योग(back pain exercise in hindi) को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटकर दोनों पैरों के घुटने को मोड़कर कूल्हे के ऊपर लाकर दोनों हाथों से दोनों पंजों को पकड़िये। साथ ही सांस लेते हुए धीरे-धीरे ऊपर उठाइए और धनुष का आकार बना लीजिए। इस स्थिति में गर्दन सीधे रखते हुए सामने की ओर देखिये। कुछ देर इसी स्थिति में रूकने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।

    पीठ दर्द में बरतें ये सावधानियां

    अगर पीठ में दर्द लंबे समय तक रहे तो ये घातक बीमारी में तब्दिल हो सकता है ऐसे में कमर में दर्द ना हो इसके लिए कुछ सावधानियों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है।

    • एक ही स्थान पर लंबे समय तक बैठने से बचें।
    • धुम्रपान ना करें।
    • नियमित व्यायाम करें।
    • सही ढ़ंग से सोएं।
    • पैदल चलें और कैल्शियम युक्त आहार लें।

    हमारे डॉक्टर से सलाह लें

      पीठ दर्द के बारे में क्या है वैज्ञानिकों का कहना

      पीठ दर्द के बारे में अगर डॉक्टरों और लोगों से पूछा जाए तो सब तरह-तरह की बातें जैसे भारी सामान उठाना, ज़्यादा देर तक बैठना आदि पीठ दर्द का कारण बताते हैं। लेकिन अगर हम वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो वैज्ञानिकों का कहना है कि पीठ में दर्द का कारण आपके जीन में छुपा होता है। जिसके कारण अधेड़ उम्र का हर व्यक्ति रीढ़ संबंधी समस्या से झूझ रहा होता है। इसलिए कभी भी आपको ऐसा लगे की आपके पीठ का दर्द बढ़ता ही जा रहा है तो इस स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बिल्कुल ना भूलें।