मंजर आलम जी का हाजमा हुआ बेहतर: जानिए हकीम साहब से जुड़कर कैसे बदली जिंदगी?

अगर आप सही खानपान और एक्सरसाइज पर ध्यान नहीं देते हैं तो उम्र बढ़ने के साथ शरीर का कमजोर होना और समस्याओं का आना आम बात है। अक्सर पेट की परेशानी को मामूली समझना हमारे लिए तकलीफदेह हो जाता है क्योंकि इसकी वजह से खाने पीने में मन नहीं लगता और एक अलग तरह की बैचेनी आपकी परेशानी का कारण बन जाती है। इसलिए जरूरी है अपने पेट का ख्याल रखना ताकि आप स्वस्थ और बेहतर जिंदगी गुजार सकें। ऐसी ही एक कहानी है मंजर आलम साहब की, जो दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 20 के बलवीर विहार में रहते हैं, और मदरसे में बच्चों को तालीम देते हैं। इनके जीवन में भी 40 की उम्र के बाद एक समय ऐसा आया जब कई सारी परेशानियों ने इन्हें घेर लिया। दरअसल पेट की परेशानी इनके जीवन में मुश्किलें लेकर आई। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल, स्किन एलर्जी, खुजली और जलन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं ने इनकी जिंदगी को बहुत मुश्किल बना दिया था। जिस वजह से इनके साथ-साथ इनकी बीवी और बच्चे भी परेशान रहने लगे थे, पर इन्होंने हिम्मत नहीं हारी और उम्मीद बनाई रखी की एक न एक दिन तो जिंदगी बेहतर होगी। आइये जानते हैं उनकी पूरी कहानी के बारे में?
जानिए कौन हैं मंजर आलम?
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 20 में रहने वाले मंजर आलम मदरसे में बच्चों को तालीम देते हैं, जो कि काफी दयालु और शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं। उन्हें लोगों की मदद करना काफी अच्छा लगता है ये इनके स्वभाव से ही पता चल जाता है। परिवार के साथ उनका जीवन काफी खुशहाल बीत रहा था पर न जानें किसकी नजर लगा गई जो उन्हें पेट की दिक्कत के साथ कई सारी परेशानियां जैसे होने लगी। सही खान-पान न होने की वजह से अचनक ही इनके पेट में गैस बनना शुरू हो गई थी, पेट की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही थी। ऐसे में उनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं थी। परिवार वाले लोग भी उन्हें देखकर काफी चिंतित रहने लगे कि आखिर क्या होगा?
मंजर आलम जी तकलीफों के साथ गुजार रहे थे जीवन
आपको बता दें रात्रि में खाना खाने के बाद जब ये सोते थे तो इनके पेट में गैस बनने की वजह से रात में कई बार उठकर बैठ जाते थे, ऐसा लगता था जैसे पूरा खाना निकलकर बाहर आ जाएगा। इस समस्या से राहत पाने के लिए मंजर आलम साहब ने कई तरीके अपनाए लेकिन कहीं कोई राहत नहीं मिल रही थी। खाने से पहले उन्हें दस बार सोचना पड़ता था। उनकी जिंदगी तकलीफों के आस-पास सिमट कर रह गई थी। पेट की परेशानी तो उन्हें थी ही इसके अलावा स्किन की दिक्कत भी बनी हुई थी। खुजली की समस्या की वजह से मंजर आलम साहब बहुत ज्यादा परेशान हो गए थे, पूरे शरीर पर लाल दाने निकाल आए थे जिसकी वजह से खाने में परहेज भी करना पड़ता था, बहुत कुछ खाने को मन करता था लेकिन खा नहीं पाते थे, इन लाल दानों की वजह से पूरे शरीर में खुजली होती थी, कभी-कभी बहुत जलन भी होती थी, खुजली के कारण कपड़े पहनने में जलन महसूस करना एक बड़ी समस्या बन गई थी। खुजली इतनी ज्यादा थी की कभी-कभी ये अपने बच्चों को कंघी से खुजलाने के लिए बोलते थे। इन समस्याओं की वजह से मंजर आलम साहब का घर से बाहर कहीं भी जाने का मन नहीं करता था दिनभर घर पर रहने के कारण शरीर भी आलसी हो गया था। एक तो स्किन और ऊपर से पेट का परहेज दोनों की वजह से वो काफी चिड़चिड़े होते जा रहे थे। ऐसे में उनके लिए ये समझना काफी मुश्किल हो गया था कि वो करें तो क्या करें? जिससे उनका शरीर पहले की तरह स्वस्थ हो जाए। फिर उनके जीवन में उम्मीद की एक किरण नजर आई और वो थे हकीम साहब जिसके बाद उनका जीवन बेहतर होना शुरु हुआ।
आखिर हकीम साहब से जुड़ना कैसे हुआ?
मंजर आलम साहब कई डॉक्टरों को अपनी समस्याएं बता चुके थे लेकिन उन्हें कहीं कोई राहत नहीं मिल रही थी। कई जगह दिखाने के बाद कुछ दिनों के लिए तो राहत मिल जाती थी लेकिन कुछ दिनों के बाद फिर से वही हाल हो जाता था, उन्हें कुछ भी समझ नहीं या रहा था की क्या करें, फिर एक दिन, उनकी पत्नी ने हकीम सुलेमान साहब का बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी देखा। जिसमें हकीम साहब कई लोगों को यूनानी बूटी के बारे में बता रहे थे और कॉल पर उनसे कई लोग भी जुड़ रहे थे जो स्वस्थ होकर हकीम साहब को धन्यवाद कह रहे थे। इस प्रोग्राम में कुछ मरीज ऐसे भी थे जो मंजर आलम साहब की ही तरह पेट की समस्या और खुजली की समस्या से परेशान थे और हकीम साहब से जुड़कर राहत पा चुके थे। इस प्रोग्राम को देखने के बाद इनकी बीवी ने हकीम साहब का घरेलू नुस्खा घर पर बनाया। हकीम साहब के बताए अनुसार मंजर आलम साहब की पत्नी ने धनिया, जीरा, मैथी, सौंफ और सौंठ का पाउडर और भुनी हुई अलसी का पाउडर तैयार किया और इसके अलावा हकीम जी द्वारा बताए गए नमक जैतून को ATIYA HERBS की वेबसाइट से ऑर्डर किया। हकीम साहब के बताए निर्देशों के अनुसार मंजर आलम साहब ने गुनगुने पानी का सेवन किया। जिसके बाद उन्हें असर दिखने लगा जिससे मंजर आलम साहब को पेट और स्किन दोनों समस्याओं में धीरे-धीरे काफी राहत मिलनी शुरू हो गई।
इनके जीवन में आए महत्वपूर्ण बदलाव-
- गैस, एसिडिटी और बदहजमी की दिक्कत में पहले से काफी राहत है।
- पेट की समस्या के साथ स्किन, शुगर, कॉलेस्ट्रॉल में भी मिली राहत अब बेहतर महसूस करते हैं।
- पहले खाने से पहले सोचना पड़ता था पर अब ऐसा नही है।
- एलर्जी की वजह से बाहर निकलना था मुश्किल लेकिन अब जीवन है खुशहाल।
अब स्वस्थ जीवन गुजार रहे हैं मंजर आलम जी
स्वस्थ होने के बाद मंजर आलम साहब बेहद खुश है और अब न केवल उनकी पेट और स्किन की समस्याओं में राहत मिली, बल्कि उनका वजन भी काफी कम हो गया। इसके अलावा जैतून के सिरके से उन्हें शुगर और कोलेस्ट्रॉल की समस्याओं में भी काफी राहत मिल गई। अब वे न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ महसूस करते हैं, बल्कि पूरी तरह से तरोताजा भी हैं। पहले से बेहतर होने के बाद उनका जीवन काफी खुशहाल हो गया है। अब वो अपने दोस्त, रिश्तेदारों को भी हकीम जी से जुड़ने की सलाह देते हैं ताकि जैसे उन्हें आराम मिला है वैसे ही और लोगों को भी आराम मिल सकें। आज जो वो अपनी बेहतर और खुशहाल जिंदगी गुजार रहे हैं उसका सारा श्रेय वह यूनानी के मशहूर हकीम साहब को ही देते हैं।
पेट संबंधित समस्याओं, खासकर गैस्ट्रिक और अपच से जुड़ी दिक्कत में नमक जैतून काफी लाभकारी है- हकीम सुलेमान खान साहब
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
नमक जैतून क्या है ?
नमक जैतून एक प्राकृतिक उत्पाद है जो पेट से संबंधित समस्याओं जैसे अपच, गैस्ट्रिक संबंधी समस्याओं, लिवर से संबंधित समस्याओं और पाइल्स की समस्या आदि में उपयोग किया जाता है। यह जैतून को प्राप्त कर उसके रसायन द्वारा तैयार किया गया नमक है। यह आयुर्वेदिक है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसका उपयोग करने से शरीर की अन्य कई बीमारियों को भी राहत मिलती है। साथ ही यह हमारे शरीर के लिए आवश्यक भी है। पेट के साथ अन्य बीमारियों से बचने के लिए नमक जैतून का सेवन करना बहुत जरूरी है।
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5






