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सुलेमान जी की पत्नी को कमर दर्द में मिला आराम: खुशहाल जीवन की वापसी

सुलेमान जी की पत्नी को कमर दर्द में मिला आराम: खुशहाल जीवन की वापसी

कमर दर्द एक आम समस्या है जो किसी को भी हो सकती है। यह दर्द पीठ के निचले हिस्से में महसूस होता है और इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे मांसपेशियों में खिंचाव, सही न बैठना, या कुछ स्वास्थ्य समस्याएं। इस परेशानी में आदमी सही से उठ नहीं पाता है। उन्हें कई तरह के काम करने में परेशानी आती है। उन्हें हर समय दर्द बना रहता है। ऐसे ही एक व्यक्ति है हैदराबाद के सिकंदराबाद में रहने वाले मोहम्मद सुलेमान खान साहब जी। जिनकी पत्नी को कई समय से कमर दर्द की समस्या बनी हुई थी। वह इस समस्या में सही से उठ नहीं पाती थी। इन्हें कई समय से रीढ़ की हड्डी में दर्द रहता था। लेकिन यह समस्या उनके साथ ज्यादा दिन तक नहीं रही। उनके जीवन में एक समय तो ऐसा आया कि उन्हें लगने लगा कि उनकी पत्नी कभी सही नहीं हो सकती है, लेकिन फिर उनका समय बदला और उनकी पत्नी का दर्द सही हो गया। जी हां, उन्हें यूनानी के बारे में पता चला और उनका पूरा जीवन ही पलट गया। लेकिन कैसे उन्होंने अपनी पत्नी का साथ देकर यहां तक का सफर तय किया और हकीम जी की कौन-सी बूटी का इस्तेमाल किया आइए जानते है?

जानिए मो. सुलेमान खान साहब और इनकी पत्नी की सच्ची कहानी?

हैदराबाद के सिकंदराबाद में रहने वाले मोहम्मद सुलेमान खान साहब अपने पूरे परिवार के साथ रहते है। इनका हसंता खेलता परिवार है। परिवार में इनके दो लड़की और दो लड़के है साथ में इनकी पत्नी भी रहती है। दो लड़की में से एक लड़की की शादी हो गई है। दूसरी बेटी इनकी बैंक में नौकरी करती है। वही लड़का इनकी प्राइवेट कंपनी में काम करता है। सभी अपनी-अपनी लाइफ में कहीं न कहीं पेशे से जुड़े हुए है। सुलेमान जी खुद नौकरी से रिटायर्ड हो चुके है। वह बताते है कि पहले वह साऊदी अरब में मेकेनिकल टेकनिशियन थे। लेकिन फिर वह भारत लौट आए। यहां उन्होंने अपने परिवार के साथ अच्छा समय बिताया लेकिन उनके जीवन में दुख की घड़ी आ गई और उनकी खुशियों पर पानी फैर दिया। वह बताते है कि उनके साथ एक घटना घटी जिसने उनसे सब कुछ छीन लिया। उन्हें काम धंधा भी छोड़ना पड़ा। वह बताते है कि वह और उनकी पत्नी एक बार बाइक से जा रहे थे कि अचानक उनकी पत्नी गिर गई। जिसकी वजह से उनकी पत्नी के कमर में दर्द रहना लगा। पहले तो उन्हें लगा सब सही है। उन्हें कोई दिक्क्त नहीं है लेकिन फिर उनकी पत्नी की रीढ़ की हड्डी में ज्यादा ही दर्द रहने लगा। जिसके लिए उन्हें डॉक्टर के पास जाना सही लगा। उन्होंने जब दिखाया तो उन्हें पहली बार पता चला की उनकी रीढ़ की हड्डी में गैप आ गया है। उन्हें डॉक्टरों ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी। लेकिन उन्हें अपनी पत्नी का ऑपरेशन कराना सही नहीं लगा। इसलिए उन्होंने सब्र रखा और यूनानी के बारे में पता किया। उनकी पत्नी की तकलीफ इस कदर बढ़ गई थी कि बाथरूम तक जाने के लिए भी सहारे कि जरूरत पड़ती थी। उनका पूरा जीवन दर्द के बीच सिमटकर रह गया था। यही वजह थी कि उन्हें खाना बनाने के लिए और घर का काम करने के लिए भी सहारे की जरुरत पड़ती थी। वो कहते हैं न जिंदगी में कितनी ही मुश्किलें क्यों न आ जाएं पर अगर परिवार का साथ हो तो दर्द से राहत मिलना संभव हो ही जाता है। ऐसी ही कुछ उम्मीदें थी सुलेमान जी की पत्नी को कि शायद कभी न कभी कोई रास्ता तो जरुर मिलेगा। लेकिन कभी-कभी तकलीफें इतनी बढ़ जाती थी कि दर्द सहा नहीं जाता था। आइये जानते हैं कि उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ा?

आखिर किन तकलीफों से गुजर रही थीं उनकी पत्नी?

  • बढ़ते दर्द की वजह से पत्नी का आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगा।
  • मेरी पत्नी के लिए बिना सहारे चलना कठिन हो गया था।
  • घर के रोजमर्रा के काम करने में भी मुश्किलें होने लगी।
  • रात में दर्द की वजह से आराम और नींद पर असर पड़ने लगा।

हकीम साहब की सलाह ने कैसे दिखाया असर? जानिए

एक दिन जब रोजाना की तरह मो. सुलेमान जी टी.वी देख रहे थे तो उनकी नज़र यूनानी के मशहूर चर्चित शो सेहत और जिंदगी के प्रोग्राम पर पड़ी। जहां उनकी मुलाकात मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब से हुई। जो अपने प्रोग्राम में सभी को उनकी तकलीफों के लिए यूनानी-बूटी बता रहे थे। लोगों की सच्ची कहानी सुनकर भी उनके मन में उम्मीद जागी कि उनकी पत्नी भी सही हो सकती है। इसलिए उन्होंने देर ना लगाते हुए शो की स्क्रीन पर दिखाए गए नंबर पर कॉल किया और अपनी और अपनी पत्नी की समस्या बताई। हकीम साहब की टीम ने सुलेमान जी की समस्या को सही से सुना और समझा फिर गोंद सियाह खाने की सलाह दी। हकीम साहब की सालह को मानते हुए मो. सुलेमान जी ने ATIYA HERBS की वेबसाइट से ऑर्डर किया। फिर हकीम साहब की टीम द्वारा बताएं गए निर्देश अनुसार गोंद सियाह नियम से सुबह और शाम एक-एक चुटकी लेना शुरू किया। कुछ ही महीने बाद उनकी पत्नी को कहीं न कहीं आराम मिलने लगा। लेकिन इससे पहले वो बताते हैं कि उन्हें हकीम जी बूटी को अपने पास के पंसारी की दुकान से लिया था लेकिन उससे उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ..क्योंकि शायद वो सही नहीं थी। फिर उनके बेटे को अतिया हर्ब की वेबसाइट का पता चला और असली गोंद सियाह का सेवन किया। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी दूसरी परेशानी बताई और फिर टीम द्वारा बताई गई शिलाजीत को उन्होंने मंगाया। और धीरे-धीरे सुलेमान जी को भी फायदा पहुंचने लगा इसी के अलावा उन्होंने अपनी दिल की परेशानी के लिए भी हकीम साहब के घरेलू नुस्खों को भी अपनाना शुरू कर दिया। जिससे उन्हें काफी फर्क महसूस होने लगा। आपको बता दें अब उनकी पत्नी पहले की तरह की किसी काम के लिए लाचार नहीं है। उन्हें चलने में भी कोई परेशानी नहीं होती है। उनकी पत्नी को हर काम में राहत मिल चुकी है। अब वह बिना सहारे कोई भी काम कर लेती है।

धीरे-धीरे कैसे लौटने लगी सामान्य जिंदगी?

  • पहले की तुलना में जीवन ज्यादा आसान लगने लगा।
  • परिवार में फिर से खुशी और सुकून का माहौल बनने लगा।
  • पत्नी अब किसी काम के लिए लाचार नहीं रहीं।
  • बिना सहारे चलने में आसानी होने लगी।
  • शिलाजीत के सेवन से सुलेमान जी को भी फायदा महसूस हुआ।

आज मो. सुलेमान साहब जी यूनानी के मशहूर हकीम साहब के लिए कहते हैं कि जो वह काम कर रहे है उसके लिए बड़ा दिल चाहिए। जैसे उन्होंने मेरी मदद की वैसे ही सभी की मदद करें और स्वस्थ रहे। आज वह अपनी और अपनी पत्नी की परेशानी के कम होने का श्रेय यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को देते है और तेह दिल से हकीम जी का शुक्रिया अदा करते है। वह यही चाहते हैं कि हकीम जी की उम्र लंबी रहे और उनकी जीवन खुशहाल रहें।

यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा

गोंद सियाह क्या है?

यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्य है जो समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। इस पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है उसे गोंद सियाह कहते हैं, यह बहुत ही पौष्टिक होता है और सूखने पर काला और ठोस हो जाता है, इस गोंद में उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रखता है। इसकी खुराक को हकीम साहब या उनकी संस्था के यूनानी विशेषज्ञों द्वारा बताई गयी मात्रा में ही लेना चाहिए। ज्यादा या कम मात्रा में इसका सेवन इसकी काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है

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Gond Siyah (Indian Gum Arabic)
  • Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
  • Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5

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